पोषण के प्रकार
जीवित प्राणी अपना भोजन कैसे प्राप्त करते हैं?
ऊर्जा (energy) तथा सामग्रियाँ (materials) की सामान्य आवश्यकता सभी जीवों में समान होती है, परन्तु यह भिन्न-भिन्न तरीकों से पूरी होती है। जीवित जीव रासायनिक ऊर्जा दो तरीकों में से किसी एक से प्राप्त करते हैं।
स्वपोषी बनाम विषमपोषी
स्वपोषी, जो चित्र नीचे में दिखाए गए हैं, अपने द्वारा बनाए गए भोजन के कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate) अणु (molecules) में रासायनिक ऊर्जा संचित करते हैं। भोजन कार्बनिक अणुओं में संचित रासायनिक ऊर्जा है। भोजन कार्य (work) करने के लिए ऊर्जा देने के साथ-साथ शरीर निर्माण हेतु कार्बन और अन्य तत्त्व प्रदान करता है। क्योंकि अधिकांश स्वपोषी भोजन बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश को रूपांतरित करते हैं, इसलिए वे जिस प्रक्रम (process) का प्रयोग करते हैं उसे प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) कहते हैं। केवल तीन समूह (group) के जीव — पौधे, शैवाल (algae), और कुछ जीवाणु (bacteria) — ही इस जीवन-दायक ऊर्जा रूपांतरण में सक्षम हैं।
इन जीवों में कार्बन डाइऑक्साइड से कार्बन को स्थिर कर उसे ग्लूकोज़ जैसे कार्बनिक यौगिक (organic compounds) में बदलने की क्षमता होती है। स्वपोषी अपने उपयोग के लिए भोजन बनाते हैं, पर वे इतना बनाते हैं कि अन्य जीवन का भी सहारा बन सके। लगभग सभी अन्य जीव पूरी तरह इन तीन समूहों पर उनके द्वारा बनाए गए भोजन के लिए निर्भर हैं। स्वपोषी को उत्पादक (producers) भी कहा जाता है, जो खाद्य शृंखलाओं की शुरुआत करते हैं और समस्त जीवन का पोषण करते हैं.
विषमपोषी अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते, इसलिए उन्हें इसे खाना या अवशोषित करना पड़ता है। इस कारण, विषमपोषी को परभोक्ता (consumers) भी कहा जाता है। परभोक्ता में सभी पशु और कवक (fungi) तथा अनेक प्रोटिस्ट (protists) और जीवाणु शामिल हैं। ये स्वपोषी, अन्य विषमपोषी, या अन्य जीवों से प्राप्त कार्बनिक अणुओं का उपभोग कर सकते हैं। विषमपोषी अत्यधिक विविधता (diversity) दिखाते हैं और उत्पादकों की तुलना में अधिक रोचक लग सकते हैं। पर विषमपोषी उन स्वपोषियों पर अपनी पूर्ण निर्भरता के कारण सीमित हैं जिन्होंने मूलतः उनका भोजन बनाया। यदि पौधे, शैवाल, और स्वपोषी जीवाणु पृथ्वी से लुप्त हो जाएँ, तो पशु, कवक, और अन्य विषमपोषी भी शीघ्र ही समाप्त हो जाएँगे। सभी जीवन को ऊर्जा का सतत एवं स्थिर (constant) आगत आवश्यक है।
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हरे पौधे -
शैवाल -
प्रकाश संश्लेषी जीवाणु (photosynthetic bacteria)
सारांश
- जीवित जीव दो तरीकों में से किसी एक से रासायनिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं: स्वपोषी तरीका या विषमपोषी तरीका।
- स्वपोषी अपने द्वारा बनाए गए भोजन के कार्बोहाइड्रेट अणुओं में रासायनिक ऊर्जा संचित करते हैं। अधिकांश स्वपोषी प्रकाश संश्लेषण द्वारा सूर्य से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करके अपना "भोजन" बनाते हैं।
- विषमपोषी अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते, इसलिए उन्हें इसे खाना या अवशोषित करना पड़ता है।
- अकार्बनिक अणुओं में संचित रासायनिक ऊर्जा का उपयोग करके भोजन बनाने में रसायनसंश्लेषण का उपयोग किया जाता है।
पुनरावलोकन
- स्वपोषी की विषमपोषी से तुलना कीजिए, और इन दोनों समूहों के जीवों के बीच संबंध का वर्णन कीजिए।
- स्वपोषी में पाए जाने वाले भोजन बनाने के दो प्रक्रमों का नाम बताइए और उनका वर्णन कीजिए। इनमें से पृथ्वी पर जीवन के लिए मात्रात्मक रूप से कौन अधिक महत्वपूर्ण है?
- एक सामान्य खाद्य शृंखला में ऊर्जा के प्रवाह का वर्णन कीजिए ("कौन किसे खाता है" बताइए), जिसमें उस ऊर्जा के मूल स्रोत और उपयोग के बाद उसके अंतिम रूप को भी शामिल करें।
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